नेपाल के नए कानून ने बढ़ाई भारत की टेंशन, बॉर्डर एरिया पर दिखने लगा असर, जानिए पूरा मामला

नेपाल की नई बालेन सरकार ने कस्टम नियमों में कुछ सख्ती करने का फैसला लिया है, जिसका असर नेपाल की सीमा से लगे भारतीय बाजारों पर पड़ेगा. नए नियमों के तहत 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर अनिवार्य कस्टम शुल्क (भंसार) लागू किया जाएगा, जिस कारण भारतीय बाजारों में बैचनी बढ़ी हुई है. ये जानकारी सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रही है, जिसकी ईटीवी भारत ने अपने स्तर पर पड़ताल की.
भारत के सोशल मीडिया में इन दिनों एक मैसेज वायरल हो रहा है. वायरल मैसेज के अनुसार भारत से 100 रुपये से अधिक का सामान लेकर नेपाल जाने पर कस्टम शुल्क देना अनिवार्य कर दिया गया है. इस मैसेज कि ईटीवी भारत ने जब उत्तराखंड के बनबसा नेपाल बॉर्डर पर पड़ताल की गई तो बात सच निकली. नेपाल की फोर्स अपने सीमांत इलाकों में मुनादी कराकर इस कस्टम शुल्क की जानकारी भी दे रही है.
बता दें कि यह आदेश पूर्ववर्ती सरकार ने करीब दो साल पहले ही जारी कर दिया था, लेकिन इसे लागू नहीं किया जा सका. हालांकि अब नेपाल की बालेन सरकार इस कस्टम शुल्क को लागू करने पर विचार कर रही है. इस आदेश के लागू होने से सबसे ज्यादा नुकसान भारत के सीमांत जिले के व्यापारी का होगा. क्योंकि नेपाल बॉर्डर से लगे भारत के सीमांत इलाकों का अधिकांश व्यापार नेपाल से ही होता है. भारत से बड़ी मात्रा में नेपाल सामान भेजा जाता है.
चंपावत जिले का बनबसा नेपाल से लगा है. नेपाल के रोजमरा का सामान इसी बाजार से जाता है. यदि नेपाल सरकार 100 रुपए से ज्यादा का सामान पर टैक्स वसूलती है तो नेपाल में भी सामान महंगा हो जाएगा. ऐसे में नेपाल का व्यापारी भी सस्ते सामान के लिए कहीं और का रास्ता देखेंगा.
उत्तराखंड के बनबसा व्यापार मंडल के अध्यक्ष भरत भंडारी का कहना है कि उत्तराखंड के बनबसा और नेपाल के बीच बीते साठ सालों से व्यापार चल रहा है. दोनों देशों के बीच रोटी बेटी का संबंध है. नेपाल सरकार के इस आदेश से सबसे ज्यादा नेपाल से रोजमर्रा का सामान भारतीय बाजार से लेने वाला उपभोक्ता प्रभावित होगा. क्योंकि उसे डेली यूज की वस्तुएं बनबसा बाजार में नेपाल से सस्ती मिलती है. इसके अलावा इस आदेश से बनबसा व नेपाल का छोटा व्यापारी भी प्रभावित होगा.
भरत भंडारी के अनुसार ने नेपाल सरकार के गुजरिश की है कि वह दैनिक उपभोग की चीजों को भारतीय बाजारों से लाने में छूट दे, ताकि इस आदेश से नेपाली आवाम व छोटे व्यापारी प्रभावित ना हो. नेपाल सरकार के इस फैसले का असर जहां वहां की जनता पर पड़ेगा तो वहीं दोनों देशों को छोटे व्यापारियों पर भी पडे़गा. फिलहाल तो ये आदेश लागू नहीं किया है, लेकिन जल्द ही इस आदेश के लागू होने की उम्मीद की जा रही है.


